होलिस्टिक हीथ रिसर्च (HOLISTIC HEALTH RESEARCH) के बारे में

होलिस्टिक हेल्थ रिसर्च (HOLISTIC HEALTH RESEARCH) मई 2016 में नॉनप्रोफिट संस्था बनी। मार्च 2017 में हम एक टैक्स डेडक्टेबले संस्था (TAX-DEDUCTIBLE CHARITY) बने। हम यहाँ ऐसी रिसर्च करना चाहते हैं जो कोई और नहीं कर रहा है – लोगों को प्राकृतिक तरीके से तंदुरुस्त और खुशहाल बनाना और इस धरती को एक शांतिपूर्ण स्थान बनाना। हम आशा करते हैं के हमारा आविष्कार लोगों की सोच और उनके व्यवहार में एक बदलाव लाएगा। हम संस्कृति को बेहतर बनाना चाहते हैं। हम शरीर को विषहरण बनाने के अध्ययन को प्राथमिकता देते हैं। साथ ही प्रार्थना और मैडिटेशन के फायदों का परिक्षण करना चाहते हैं। हम अपने शरीर के तपिश और ऊर्जा की क्षमता को जानना चाहते हैं। हमारे कुछ परिक्षण, जैसे की सीएटल शांति योजना (Seattle Peace Project), पूरी तरह से स्वयंसेवकों की सहायता से चल रही है। मगर रक्त विषहरण परिक्षण (BLOOD DETOX EXPERIMENT) के लिए बहुत मेहेंगे परिक्षण करवाने होते हैं ताकि हम अपने होलिस्टिक इंटरवेंशंस के परिणाम जांच सकें। ये हमारे लिए बहुत ज़रूरी है की हम शरीर से कैंसर वाले रसायन को निकालने का सबसे अच्छा तरीका ढूंढें। मगर अभी इसमें थोड़ी ही रिसर्च की गई है। दान का सारा पैसा सीधा परीक्षणों के फीस जमा करने में जायेगा। और इन परीक्षणों के परिणाम सभी हमारे वेबसाइट्स पर डाले जाएंगे।

ट्रॉय रेइचेर्टार होलिस्टिक हेल्थ रिसर्च (HOLISTIC HEALTH RESEARCH) के फाउंडर और डायरेक्टर हैं। मई 1968 में इनका जन्म हुआ था, डॉ। मार्टिन ल्रर्थर किंग jr। और सीनेटर रोबर्ट कैनेडी के मरने के बीच। इनके अंदर 60s का साहस और एक बेहतर दुनिया बनाने की सच्ची कामना है। इन्होने अपनी बैचलर्स डिग्री सैक्रामेंटो स्टेट यूनिवर्सिटी से लिया है। उसके पश्चात वे ताइवान में पांच साल तक चीनी भाषा, संस्कृति, और धर्म के बारे में पढ़े। ट्रॉय 1996 में चीन के कनमिंग शहर में चीनी औषदीयों के बारे में पढ़ने के लिए गए थे। फिर वे अमरीका वापस आकर चीनी दवाइयों की पढाई की और सं फ्रांसिस्को के अमरीकन कॉलेज ऑफ़ ट्रेडिशनल मेडिसिन से अपना मास्टर डिग्री लिया। पहले उन्होंने सेन जोस में अक्युपंक्चरिस्ट की नौकरी किया। उसके बाद वे सेन जोस   स्टेट यूनिवर्सिटी में एक अध्यापक बन गए। उन्होंने पांच वर्ष तक फ्रेमोंट,कैलिफ़ोर्निया, में इतिहास पढ़ाया। 2008 में वे सीएटल में बस गए। 2010 में उन्होंने एजुकेशन में सिटी यूनिवर्सिटी से दुबारा मास्टर डिग्री लिया। और अब 14 सालों से पढ़ा रहे हैं। इतिहास पढ़ाने के अलावा वे हमेशा से खुद इतिहास बनाना चाहते आये हैं। इसीलिए वे इन प्रोजेक्ट्स पे काम कर रहे हैं।